ब्लॉग छत्तीसगढ़

24 December, 2009

रवि रतलामी को प्रतिष्ठित मंथन - दक्षिण एशिया पुरस्कार 2009

चिट्ठा चर्चा में 22 दिसम्बर की चर्चा में तरकश डाट काम को प्रतिष्ठित मंथन - दक्षिण एशिया पुरस्कार 2009 मिलने की जानकारी दी गई थी. दूसरे दिन की चर्चा में यह ज्ञात हुआ कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार  हम सबके प्रिय चिट्ठाकार रवि रतलामी को भी प्रदान किया गया है. इस पोस्ट पर रवि भाई नें टिप्पणी कर इसे स्पस्ट किया -




आप सभी का धन्यवाद. वैसे, पुरस्कार मुझे नहीं, मेरे एम्बीशियस, पेट प्रोजेक्ट - छत्तीसगढ़ी प्रोग्राम सूट - केडीई 4.2 को मिला है. और पुरस्कार का नाम मीडिया मंथन नहीं, बल्कि आई टी सेक्टर का मंथन पुरस्कार है. अधिक जानकारी यहाँ देखें - http://www.manthanaward.org/section_full_story.asp?id=803.

यह हमारे लिये यह बहुत ही उत्साहजनक समाचार है. 13 श्रेणियों में दिया जाने वाला प्रतिष्ठित मंथन पुरस्‍कार  जमीनी स्तर पर स्थानीय भाषा सामग्री के डिजिटल उपकरणों में प्रयोग के रूप में छत्तीसगढी आपरेटिंग सिस्टम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानें के लिए रवि शंकर श्रीवास्तव जी को प्रदान किया गया है . रवि भाई नें अपनी निस्ठा और लगन से परिश्रमपूर्वक यह छत्तीसगढी आपरेटिंग सिस्टम बनाया है, यह उनके कल्पनाओं का सम्मान है. पिछले वर्ष सृजनगाथा में दिये एक साक्षात्कार में उन्होनें कहा था कि


मैं सदैव से छत्तीसगढ़िया रहा हूँ । यहाँ की मिट्टी की महक सदैव मुझे आकर्षित करती है. मेरा सपना है कि छत्तीसगढ़ी भाषा में ऑपरेटिंग सिस्टम (http://cg-os.blogspot.com ) हो, उसमें कार्य करने को अनुप्रयोग हों । गनोम 2.1 डेस्कटॉप युक्त छत्तीसगढ़ी लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ष भर की मेहनत से तैयार हो सकता है । हमारे पास तमाम तकनीकी कौशल इसके लिए है । हमने हिन्दी के लिए कार्य किया ही है । इस कार्य के लिए कुछ आर्थिक संबल की आवश्यकता है। देखते हैं कब यह सपना पूरा होता है।



संजीत त्रिपाठी के आवारा बंजारा में  पेपर मा रवि रतलामी हा छपे हावय के प्रकाशन के साथ ही रवि रतलामी जी के छत्तीसगढी आपरेटिंग सिस्टम के प्रति हम सबकी उत्सुकता बढ गई थी. हमारे छत्तीसगढ गौरव रवि रतलामी जी के प्रयासों से छत्तीसगढी भाषा का कम्प्यूटर आपरेटिंग सिस्टम तैयार हुआ सभी नें माना कि  क्षेत्रीय भाषा का यह पहला कंप्युटर ऑपरेटिंग सिस्टम  हैं. गांव-गांव तक अपनी उपस्थिति सिद्ध कर रहे संचार क्रांति के माध्यम कम्प्युटर में अपनी बोली - अपनी बानी में आपरेटिंग सिस्टम होने का लाभ ग्राम पंचायतों और चिप्स सेंटरों में लगने वाले कम्प्युटरों के अधिकाधिक उपयोगकर्ता ग्रामीणों को मिलेगा.

निश्चित ही रवि भईया के इस प्रयास से छत्तीसगढी भाषा का विकास संभव होगा एवं जमीनी स्तर पर अधिकाधिक लोगों को कम्प्युटर तकनीकि का ज्ञान सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा. यह आपरेटिंग सिस्टम संचार क्रांति को आम आदमी तक पहुचाने में एक अहम साधन साबित होगा.

छत्तीसगढ के परचम को उंचा लहराने वाले हमर मयारू रवि भईया को बहुत बहुत बधाई.

संजीव तिवारी 

19 comments:

  1. रवि जी को इस पुरस्कार के लिए बधाईयाँ

    बी एस पाबला

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  2. रवि जी को बहुत बहुत बधाई.

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  3. रवि जी को बधाईयाँ

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  4. रवि जी को बहुत बहुत बधाइयाँ।

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  5. रवि जी को बधाईयां और संजीव को धन्यवाद इस जानकारी को हम तक पहुंचाने के लिये.

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  6. रवी जी को बधाई।

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  7. रतलामी जी को बहुत बहुत बधायी !

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  8. रवि रतलामी जी को बधाई!

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  9. रवि भाई को इस बुनियादी काम के लिए पुरस्कृत होने पर हार्दिक बधाई |
    - अफलातून

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  10. जब तक एक अनपढ़ भी कम्प्यूटर पर काम नहीं कर लेता, हमे सूचना तकनीकी को और सरल बनाने के लिये प्रयत्नशील रहना होगा।

    रवि भाई के प्रयत्नों को सम्मान मिला; हार्दिक बधाई!

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  11. रवि जी को बहुत बहुत बधाई

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  12. बधाई स्वीकारे...रवी बने सबके प्यारे..ब्लॉगर न्यारे
    अगर आसमां ब्लॉग जगत तो आप चांद सितारे

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  13. रवि जी को बहुत बहुत बधाई.....!!

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  14. रवि जी को बधाई। जानकर प्रसन्नता हुई धन्यवाद।

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  15. ravi bhai kamaal ke hai. unka samman chhattisgarh ka bhi samman hai. itani achchhi jankaaree ke liye aap bhi badhaai ke su-paatr hai.

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  16. Bhaiya Pranam

    Nav Varsh Aapke Pariwar Ke Liye Mangalmay Ho Sukh Samriddhi Dhan Dhanya Se Paripurna Ho ....... Subha Kamna Hamari ....Sudhir Pandey & Family (Kasdol)

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  17. संजीव भाई, आपको, परिवारजनों और मित्रों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं और रतलामी जी को बधाई!

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आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

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24 December, 2009

रवि रतलामी को प्रतिष्ठित मंथन - दक्षिण एशिया पुरस्कार 2009

चिट्ठा चर्चा में 22 दिसम्बर की चर्चा में तरकश डाट काम को प्रतिष्ठित मंथन - दक्षिण एशिया पुरस्कार 2009 मिलने की जानकारी दी गई थी. दूसरे दिन की चर्चा में यह ज्ञात हुआ कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार  हम सबके प्रिय चिट्ठाकार रवि रतलामी को भी प्रदान किया गया है. इस पोस्ट पर रवि भाई नें टिप्पणी कर इसे स्पस्ट किया -




आप सभी का धन्यवाद. वैसे, पुरस्कार मुझे नहीं, मेरे एम्बीशियस, पेट प्रोजेक्ट - छत्तीसगढ़ी प्रोग्राम सूट - केडीई 4.2 को मिला है. और पुरस्कार का नाम मीडिया मंथन नहीं, बल्कि आई टी सेक्टर का मंथन पुरस्कार है. अधिक जानकारी यहाँ देखें - http://www.manthanaward.org/section_full_story.asp?id=803.

यह हमारे लिये यह बहुत ही उत्साहजनक समाचार है. 13 श्रेणियों में दिया जाने वाला प्रतिष्ठित मंथन पुरस्‍कार  जमीनी स्तर पर स्थानीय भाषा सामग्री के डिजिटल उपकरणों में प्रयोग के रूप में छत्तीसगढी आपरेटिंग सिस्टम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानें के लिए रवि शंकर श्रीवास्तव जी को प्रदान किया गया है . रवि भाई नें अपनी निस्ठा और लगन से परिश्रमपूर्वक यह छत्तीसगढी आपरेटिंग सिस्टम बनाया है, यह उनके कल्पनाओं का सम्मान है. पिछले वर्ष सृजनगाथा में दिये एक साक्षात्कार में उन्होनें कहा था कि


मैं सदैव से छत्तीसगढ़िया रहा हूँ । यहाँ की मिट्टी की महक सदैव मुझे आकर्षित करती है. मेरा सपना है कि छत्तीसगढ़ी भाषा में ऑपरेटिंग सिस्टम (http://cg-os.blogspot.com ) हो, उसमें कार्य करने को अनुप्रयोग हों । गनोम 2.1 डेस्कटॉप युक्त छत्तीसगढ़ी लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम वर्ष भर की मेहनत से तैयार हो सकता है । हमारे पास तमाम तकनीकी कौशल इसके लिए है । हमने हिन्दी के लिए कार्य किया ही है । इस कार्य के लिए कुछ आर्थिक संबल की आवश्यकता है। देखते हैं कब यह सपना पूरा होता है।



संजीत त्रिपाठी के आवारा बंजारा में  पेपर मा रवि रतलामी हा छपे हावय के प्रकाशन के साथ ही रवि रतलामी जी के छत्तीसगढी आपरेटिंग सिस्टम के प्रति हम सबकी उत्सुकता बढ गई थी. हमारे छत्तीसगढ गौरव रवि रतलामी जी के प्रयासों से छत्तीसगढी भाषा का कम्प्यूटर आपरेटिंग सिस्टम तैयार हुआ सभी नें माना कि  क्षेत्रीय भाषा का यह पहला कंप्युटर ऑपरेटिंग सिस्टम  हैं. गांव-गांव तक अपनी उपस्थिति सिद्ध कर रहे संचार क्रांति के माध्यम कम्प्युटर में अपनी बोली - अपनी बानी में आपरेटिंग सिस्टम होने का लाभ ग्राम पंचायतों और चिप्स सेंटरों में लगने वाले कम्प्युटरों के अधिकाधिक उपयोगकर्ता ग्रामीणों को मिलेगा.

निश्चित ही रवि भईया के इस प्रयास से छत्तीसगढी भाषा का विकास संभव होगा एवं जमीनी स्तर पर अधिकाधिक लोगों को कम्प्युटर तकनीकि का ज्ञान सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा. यह आपरेटिंग सिस्टम संचार क्रांति को आम आदमी तक पहुचाने में एक अहम साधन साबित होगा.

छत्तीसगढ के परचम को उंचा लहराने वाले हमर मयारू रवि भईया को बहुत बहुत बधाई.

संजीव तिवारी 
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