ब्लॉग छत्तीसगढ़

22 August, 2010

तोर बिन सजनी नींदे नई आवय, कईसे गुजारंव रात .....

पीपली लाईव क हीरो ओंकार दास उर्फ नत्‍था,  फिल्‍म के प्रमोशन के बाद भिलाई वापस आने पर अपनी पत्‍नी से फिल्‍मी स्‍टाईल में मिलते हुए.

निवेदन : शीर्षक को पढने के बाद .... रघुवीर यादव का डायलाग याद मत करिए . 

चित्र http://zaraidharbhi.blogspot.com से साभार 

16 comments:

  1. बम्बइया होगे बू्जा हां
    लजावत नईए।

    जोहार ले साहेब

    ReplyDelete
  2. ललित भईया हर सिरतोन गोठियावत हवे. ये बूजा हा तभे लजाही जब "हलकान हो गेंव दाई" सुनही.

    ReplyDelete
  3. पत्नी का भाव विभोर आलिंगन , मुझे तो बहुत पसन्द आया :)

    ReplyDelete
  4. आपने तो मना करके बरबस याद दिला दी -बहुत खराब आदत ! मुला यी मिलन तो चौचक है -वहीं थे क्या तिवारी जी जो ई धाँसू तस्विरिया खींच लिए ....?

    ReplyDelete
  5. कितना मधुर है यह आलिंगन

    ReplyDelete
  6. @धन्यवाद ललित, पाबला, हबीब, अली भैया.

    @ अरविन्द भैया :)

    ReplyDelete
  7. याद आ गया. इसीलिये रघुवीर यादव ने "वो" डायलोग बोला था. हा हा हा. मस्त तस्वीर है.

    ReplyDelete
  8. बड़ी भावप्रधान, बहुत कुछ कहता चित्र।

    ReplyDelete
  9. nivedan kar ke aapne spcly vo dilog yad karwa diya

    ;)

    ReplyDelete
  10. ये हुई न बात!!

    पूरे भाव छलक आये मधुर मिलन के तस्वीर में.

    ReplyDelete
  11. गौर से देखिए। पति-पत्नी दोनों के चेहरे पर सार्वजनिक रूप से गले मिलने का संकोच भाव साफ दिखता है। यह स्टाईल फिल्मी नहीं,शुद्ध देसी है।

    ReplyDelete
  12. फोटू, केमरा वाले फिलम में नत्‍था को घेरे रहे और सिनेमा से बाहर आने पर ओंकार के लिए हाजिर हैं. जिंदगी तो चलती है, चलती रहेगी, 'फेर ए बेर्रा केमरा ल तो अब तोप देव ग, एको घरी बर तो ग'

    ReplyDelete
  13. नत्‍था जी तो बम्‍बइयया हो गऐ मैडम भी अगर हो जाऐ तब ...........फोटो संभालकर र‍खे, बाद में ज्‍यादा अच्‍छा उपयोग होगा .... सतीश कुमार चौहान

    ReplyDelete
  14. पति की सफलता पर पत्नी का विभोर हो गले मिलना पत्नी के लिए सातवें आसमान की सैर के समान है। खेल के मैदान में भी तो यह देखा जा सकता है कि कड़े संघर्ष से मिली सफलता पर खिलाड़ी आलिंगनबद्ध हो जाते हैं बिना किसी बंधन के।

    ReplyDelete
  15. बहुत ही भावपूर्ण मिलन है।

    ReplyDelete
  16. अगर हमारे नत्था जी के स्थान पर ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन इस प्रकार भावपूर्ण आलिंगन कर रहे होते तो शायद सभी को अच्छा लगता और इतनी बातें भी न होती.........
    अरे इतनी पाबन्दी भी ठीक नहीं अब मिलने भी दो इन्हें........!!

    ReplyDelete

आपकी टिप्पणियों का स्वागत है. (टिप्पणियों के प्रकाशित होने में कुछ समय लग सकता है.) -संजीव तिवारी, दुर्ग (छ.ग.)

loading...

Popular Posts